Pahle Ram Phir Kaam: Kam Na Ho Toh Bhav Na Badale | Hindi

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Weight 176 g
Dimensions 21.50 × 14 × 1.50 cm
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1 review for Pahle Ram Phir Kaam: Kam Na Ho Toh Bhav Na Badale | Hindi

  1. vickyurs

    भारत के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक चिंतक व प्रवचक श्री ‘सतश्री’ महाराज की लिखी कृति। पुस्तक भौतिक जीवन के कर्तव्यों को पूरा करते हुए, अध्यात्म से जुड़े रहने , सांसारिक चिंताओ से घिरे रहकर भी आनंदित रहने ,काम करते हुए भी राम ,अर्थात ईश्वर से जुड़ने की कला सिखाती है। रामायण की विभिन्न घटनाओं के उदाहरण देकर बहुत सुंदर व्याख्या की है।
    जैसे कि हर मनुष्य के अंदर राम कौन है और रावण कौन है?
    * हर काम से भी पहले करने योग्य वह प्रथम काम कौन सा है, जिसे करने के बाद आगे के सभी काम सफल होते हैं। अपनी कभी न अंत हो सकने वाली इच्छाओं के पीछे की भावनाएँ बदलना आवश्यक क्यों है?
    प्रेम, काम और वासना का अर्थ येे एक-दूसरे से किस तरह अलग हैेंं।अपनी व दूसरों की चेतना का स्तर चरित्रमजबूत कैसे करें।भक्ति में आनेवाली अड़चनों को दूर करने। गुस्से पर नियन्त्रण आदि विषय पर सुंदर विचार रखें हैं।

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