Nagayan | Dahan Kand

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Description

एक तरफ क्रूरपाशा ने विषांक को अपने कब्जे में लेकर पूरी नाग जाति को अपने कब्जे में ले लिया है और नागराज के नाग साथी हो गए हैं उसके ही जान के दुश्मन! दुसरी तरफ रोबो ने मानव सेना की बागडोर संभाल ली है! क्या नागराज और ध्रुव इन विपरीत परिस्थितियों का मुंह मोड़ पाएंगे?

Additional information

Weight 194 g
Dimensions 20 × 15 cm
Comics Pages

Paper

4 reviews for Nagayan | Dahan Kand

  1. Nalin

    Krurpaasha Vishank ko apne adheen kar leta hai aur Nagraj ka saamna hota hai Vanputra k sath jo ki ekdam alag hi swaroop mey
    Nagraj k samaksh prastoot hota hai. Dhruv ko bhi Shikangi ghaayal awastha mey milta hai. Rani Yati k samney eka ek aa jata hai
    Jingalu. Lekin rukiye agar ye Jingalu hai toh wo kaun si hahakari aakriti hai jo vishkund se nikal rahi hai aur jo Jingalu se mel khaati hai? Janne k liye pdhein “Dahan Kand”

  2. Arvind Kumar

    Anupam Sinha ji ki lekhni se nikla ek shandar shahkar , गजब का आर्ट है

  3. Abhilash Chauhan (verified owner)

    नागायण का ये पाँचवा शानदार भाग है जिसमे विशांक आता है नागपाशा से विसर्पी की छुड़ाने जहां नागपाशा कोशिश करता है उसे गुलाम बना के नागशक्ति को अपनी तरफ करने की तो क्या हुआ अंजाम
    साथ ही ब्लैक पावर्स बने एक दोस्त से लड़ रहा है नागराज जिसे धोखा दे रहे है उसके ही कुछ साथी पर अंत समय मे आया है वापस जिंगालू जो निकल पड़ा है अलंधया का करने दहन

    जरूर पढ़िये और संग्रह कीजिये

  4. Amit Negi (verified owner)

    Overrated go for bhokals maharavan instead of naagayan

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